गर्व से कहो हम हिन्दू हैं

जब हमे हिन्दू शब्द की सही व्याख्या बताई गई कि ये मुगलों द्वारा गाली के रूप मे बोला गया और इसको अरबी भाषा मे काफ़िर कहते हैं ! मुगलों ने कईं सदियों भारत पर शासन किया और वो शासन हिन्दुओं की मदद लेकर ही किया गया है ऐसे इतिहास मे बहुत साक्ष्य मौजूद है! क्योंकि भारतीय समाज मे जातिवादी व्यस्था  हमवतन लोगों में कूट कूट कर भरी हुई थी जिससे समाज मे नफरत पैदा हो गई  !!

फिर पाखंडी लोगों ने सनातनी बोलना सुरू किया, फिर समझाया गया कि किसी भी वेद में सनातन शब्द का उपयोग नहीं किया है! छुपाने की भी एक सीमा होती है क्योंकि आज के युग मे कोई बात छुपाना  असम्भव है 

हकीकत में इसको वैदिक धर्म कह सकते हैं, और वेद पढ़ने का अधिकार सिर्फ ब्राह्मण को रहा है आपने सुना भी होगा अगर वेद  वाक्य किसी सुदर या  अति सुदर के कानों में पड जाए तो मनुस्मृति में इसकी सजा, उसके कानों  में गरम पिंगला हुआ पदार्थ डाल दिया जाए ताकि भविष्य में वो कभी सुन  ही नहीं पाए , इसलिए इससे वैदिक धर्म कहते है और वेद पढ़ने और पढ़ाने का अधिकार सिर्फ ब्राहमण को है !

इसलिए इसको ब्राह्मण धर्म कहना ही उचित होगा, क्योंकि इस धर्म से सिर्फ ब्राहमण लाभांवित होता है और होता रहेगा! 

अब आपका सवाल होगा कि अब तो सभी जातियों के लोग वेद पढ़ सकते हैं* बिल्कुल सत्य है! मगर ये इसलिए सम्भव हुआ है कि 26 जनवरी 1950 को बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने भारत को संविधान दिया और उसमे criminal लोगों को दंडित करने का प्रावधान है  ! 

ये आज आप देखेंगे कि वैदिक लोग संविधान खत्म करने की बात करते रहते हैं वो इसलिए कर रहे हैं कि ताकि ये उस ब्राहमण धर्म को लागू कर सके! दुश्मन षड्यंत्रकारी है और देश द्रोही भी, इसलिए समझदार बने, शिक्षित बने,संगठित रहे किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखे  ! 

भारत का मूल धम Buddhism ☸️ है जिसमें सबको राजनीतिक,समाजिक,आर्थिक एवं धार्मिक न्याय सुनिश्चित है Buddhism का मतलब knowledge , ज्ञान का प्रकाश सिर्फ भगवान गौतम बुद्ध और भगवान महावीर ने दिया ! हकीकत ये है कि भगवान महावीर को तो ये खा गए मगर गौतम बुद्ध को ये निगल नहीं पाए !!

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